Sunday, March 23, 2014

कैसे घटेगी महगाई

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश की जनता को हर साल ढाढस बंधाते रहे कि मार्च के अन्त तक मंहगाई काबू में आ जाएगी,पर उनका यह आश्वासन छलावा ही साबित हुआ। वर्ष 2004-05 में थोक मुद्रास्फीति6.5 फीसदी थी जो वर्ष 2010-11 में बढ़कर 9.6 फीसदी तक पहुच गयी। अब आंकडो में  कम है लेकिन जनता को राहत महसूस नही हो रही ।कांग्रेस के नेता  एनडीए सरकार के आंकड़े दिखाकर कह रहे है की वे कौन सा रोक पाए थे। वही नरेन्द्र मोदी उत्पादन का रियल टाइम डाटा रखने और फण्ड बनाने के अतिरिक्त कोई ठोस उपाय नहीं बता पाए है।

युवाओ को चाहिए रोजगार

     युवाओ को चाहिए रोजगार
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देश में विकास दर बहुत गिर गयी है और इसका सीधा असर रोजगार सृजन पर पड़ा है। पिछले दो वर्षो में विकास दर गिरकर चार साढ़े चार प्रतिशत पर आ गयी। पढ़े-लिखे युवाओ में यहा तक कि उच्च शिक्षित वर्ग में भी बेरोजगारी काफी बढ़ गयी। नेशनल सेम्पल सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शहरी इलाको में विशेषकर उच्च शिक्षा पाए युवाओ में बेरोजगारी का प्रतिशत बढ़ा है। देश की आधी आबादी लगभग साथ करोड़ लोग की उम्र पच्चीस वर्ष से कम है। आनेवाले समय में अर्द्धशिक्षित और शिक्षित ऐसे युवाओ की संख्या अधिक होगी,जिनको खेती से इतर रोजगार की जरुरत होगी।नरेंद्र मोदी भले ही युवाओ के भविष्य की बात कर रहे हो लेकिन राहुल की तरह वे भी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और बेरोजगारी दूर करने पर ठोस कुछ नही कह रहे है। केजरीवाल भी केवल सतही और लोकलुभावन बाते कर रहें है।

Wednesday, January 5, 2011

आज फिर शुरू हुआ

  
           आज फिर शुरू हुआ जीवन
आज मैंने एक छोटी -सी सरल -सी कविता पढ़ी
    आज मैंने सूरज को डूबते देर तक देखा
जी भर आज मैंने शीतल जल से स्नान किया
       आज एक छोटी -सी बच्ची आयी
         किलक मेरे कंधे पर चढ़ी
        आज मैंने आदि से अंत तक
               एक पूरा गान किया
          आज फिर जीवन शुरू हुआ
                      - रघुवीर सहाय